उत्तरकाशी, 27 जनवरी (हि.स.)। पुरोला की भाजपा प्रमुख नितिशा का चुनाव के दौरान कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के इस्तेमाल का मामला अब न्यायिक स्तर पर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट, पुरोला ने पूर्व विधायक मालचंद की पुत्र वधू एवं पुरोला की प्रमुख रही निशिता पर न्यायालय के आदेश पर पुरोला थाने में मुकदमा पंजीकृत किया है।

मंगलवार को पुरोला थाने प्राथरी दीपक कठैत ने इस की पुष्टि करते हुए बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया जिसकी विवेचना की जा रही है। बता दें कि मालचंद की पुत्रवधू और ब्लॉक प्रमुख निशिता पर डबल एससी-एसटी प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में पूर्व में न्यायालय ने प्रमुख के सभी वित्तीय अधिकार सीज कर दिए थे। अब फर्जी प्रमाण पत्रों को लेकर मुकदमा भी दर्ज हो गया है। वहीं नितिशा का कहना है कि जब मैं नाबालिग थी तो उस वक्त यदि किसी अधिकारी ने उनका अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र बना दिया तो इसमें मेरा क्या दोष है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मैं अनुसूचित जाति की बहू हूं। इस लिए यह प्रमाण पत्र बनाया है।

उन्होंने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से लेकर मेरे ब्लॉग प्रमुख चुने जाने तक सभी दस्तावेजों की अधिकारी दर्जनों बार जांच कर चुके है, इसके बावजूद मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। न्यायालय ने मुकदमा दर्ज कर स्पष्ट किया कि यदि जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए, तो कार्रवाई केवल नितिशा शाह तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें शामिल प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होगी।फिलहाल, इस घटनाक्रम को लेकर क्षेत्रीय राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की निगाहें पुलिस विवेचना तथा न्यायालय की आगामी कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।
प्रशासनिक प्रक्रिया की भी होगी जांच
जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी किए गए, कौन से अधिकारी ने संस्तुति दी, शपथपत्र की सत्यता की जांच हुई या नहीं, और शासनादेशों का पालन किया गया या नहीं। यदि यह पाया गया कि प्रमाण पत्र जानबूझकर या लापरवाही से जारी किए गए, तो संबंधित तहसील प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल
