पटना, 24 मार्च (हि.स.)। जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल की जा रही है। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में माॅडल स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे अब उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की मजबूत तैयारी का मार्ग गाँव-गाँव और प्रखंड-प्रखंड तक पहुंचेगा। यह कदम केवल स्कूल खोलने भर की योजना नहीं है, बल्कि बिहार के विद्यार्थियों के सपनों को दिशा देने और उन्हें अवसरों से जोड़ने का एक सशक्त संकल्प है।

उन्हाेंने कहा कि
इन माॅडल स्कूलों के माध्यम से लगभग 25 हजार विद्यार्थियों का नामांकन किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन विद्यालयों में 9वीं कक्षा से ही छात्रों को जेईई, नीट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराई जाएगी। अब बिहार के बच्चों को बड़े शहरों या महंगे कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने ही प्रखंड स्तर पर बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रतिस्पर्धी तैयारी की सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रवक्ता ने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की उस सोच का परिणाम है, जिसमें शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का सबसे सशक्त साधन माना गया है। दाखिले के समय ही छात्रों से उनकी पसंद और रुचि पूछी जाएगी, ताकि उन्हें उनकी अभिरुचि और लक्ष्य के अनुरूप मार्गदर्शन तथा शैक्षणिक तैयारी उपलब्ध कराई जा सके। इससे छात्रों के भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे प्रारंभिक स्तर से ही अपने करियर की दिशा स्पष्ट कर सकेंगे।
यह पहल बिहार के शैक्षणिक ढांचे में गुणात्मक बदलाव लाने वाली है। इससे न केवल ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी डाॅक्टर, इंजीनियर और अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में आगे बढ़ने का वास्तविक अवसर प्राप्त होगा। यह शिक्षा में समानता, अवसर और गुणवत्ता-तीनों को एक साथ सुनिश्चित करने वाला कदम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी
