हरिद्वार, 05 मार्च (हि.स.)।राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित की जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने हरिद्वार के भगवानपुर में माहड़ी चौक स्थित सेंट्रल गोदाम पर अचानक छापेमारी की।

यह गोदाम गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों को राशन आपूर्ति करता है। निरीक्षण के दौरान गोदाम में बाल श्रमिकों से काम कराए जाने का मामला भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल गोदाम स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए। खजूर और केले के चिप्स के पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट संदिग्ध पाई गईं, जबकि कई पैकेटों पर इन तिथियों का स्पष्ट उल्लेख तक नहीं था। कुछ उत्पादों पर छपी हुई तिथियों की जगह स्टैंप लगाकर तिथि अंकित की गई थी, जिसे अधिकारियों ने गंभीर अनियमितता माना।
निरीक्षण में पाया गया कि गोदाम का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक तापमान नियंत्रण की व्यवस्था तक मौजूद नहीं थी। इसके अलावा दिसंबर और जनवरी में आए अंडों सहित अन्य खाद्य सामग्री को मार्च महीने में वितरित किए जाने की तैयारी पाई गई, जिससे उनकी गुणवत्ता पर संदेह और गहरा गया।
छापेमारी के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भेजे जा रहे वाहनों को भी मौके पर रुकवाया और उनमें लदी खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए सील कराए। ये वाहन टिहरी, उत्तरकाशी और डोईवाला के लिए रवाना होने वाले थे।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गोदाम में रखे रजिस्टर अद्यतन नहीं थे और खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाली कंपनी की ओर से जारी गुणवत्ता प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं कराया गया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने पूरे मामले की जांच के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य के नौनिहालों और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला
