कोलकाता, 14 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोलकाता दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल को 18,680 करोड़ की सड़क, रेल और बंदरगाह से जुड़ी बड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं को राज्य में आधारभूत ढांचे के विस्तार, औद्योगिक विकास और बेहतर परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इसे राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री माेदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल से भारत के विकास की नई कहानी लिखी जा रही है और केंद्र सरकार राज्य में आधुनिक कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
प्रधानमंत्री ने 231 किलोमीटर लंबे खड़गपुर-मोरेग्राम आर्थिक कॉरिडोर के पांच हिस्सों का शिलान्यास किया। यह चार लेन सड़क परियोजना पूरी होने के बाद खड़गपुर से उत्तर बंगाल की ओर जाने वाली यात्रा को काफी आसान बना देगी। अनुमान है कि इससे करीब 120 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी और यात्रा समय में सात से आठ घंटे तक की बचत होगी।
यह कॉरिडोर पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, हुगली, पूर्व बर्दवान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जैसे महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगा। साथ ही यह राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 16, 19, 14 और 12 को आपस में जोड़कर एक मजबूत परिवहन नेटवर्क तैयार करेगा। इससे माल परिवहन तेज होगा और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में 5.6 किलोमीटर लंबे दुबराजपुर बाइपास और कांगसबती तथा शिलाबती नदियों पर नए चार लेन पुलों की आधारशिला भी रखी गई। इन परियोजनाओं से स्थानीय यातायात पर दबाव कम होने और सड़क सुरक्षा बेहतर होने की उम्मीद है।
रेलवे क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। प्रधानमंत्री माेदी ने पुरुलिया से आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जिससे पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा।
इसके साथ ही अमृत स्टेशन योजना के तहत राज्य के छह रेलवे स्टेशनों कामाख्यागुड़ी, अनारा, तमलुक, हल्दिया, बाराभूम और सिउड़ी, का आधुनिकीकरण किया गया है। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
प्रधानमंत्री माेदी ने बेलदा से दांतन के बीच 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन और कलाईकुंडा से कानिमोहुली खंड के बीच स्वचालित सिग्नल प्रणाली को भी राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं से रेल यातायात की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगी।
कोलकाता और हल्दिया बंदरगाह से जुड़ी परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रधानमंत्री ने हल्दिया डॉक परिसर में बर्थ संख्या दो के मशीनीकरण का उद्घाटन किया जिससे माल की लोडिंग और अनलोडिंग तेज और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से हो सकेगी। इसके साथ ही खिदिरपुर डॉक के पुनरुद्धार, हल्दिया में बर्थ संख्या पांच के मशीनीकरण और कोलकाता के बैस्क्यूल ब्रिज के नवीनीकरण की परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया।
शहर में नदी क्रूज टर्मिनल और नदी पर्यटन सुविधा की नींव भी रखी गई है, जिससे गंगा नदी के किनारे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
इन परियोजनाओं को पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर सड़क और रेल संपर्क से उद्योगों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद भेजने में सुविधा होगी। बंदरगाहों की क्षमता बढ़ने से निर्यात और आयात गतिविधियां तेज हो सकती हैं। साथ ही इन परियोजनाओं के निर्माण और संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है, जिससे सेवा क्षेत्र को लाभ होगा।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के बीच इन परियोजनाओं को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि केंद्र सरकार इन विकास कार्यों के जरिए राज्य में अपनी विकास छवि को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कनेक्टिविटी को विकास का आधार बताते हुए कहा कि बेहतर सड़क, रेल और बंदरगाह नेटवर्क से आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
कुल मिलाकर देखा जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी द्वारा शुरू की गई ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।—————–
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
