गोपालगंज, 28 जनवरी (हि.स.)। आम जनता की समस्याओं को उनके द्वार पर सुनने और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कुचायकोट प्रखंड में प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम कुचायकोट स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के आयोजन से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ तथा समस्याओं के समाधान की प्रभावी पहल देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक स्टाल पर जाकर प्राप्त आवेदनों की स्थिति की जानकारी ली और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक आवेदक को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम सरकार और आम जनता के बीच की दूरी को कम करने का एक सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला या प्रखंड कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करे।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार सहित जिला एवं प्रखंड स्तर के वरीय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से सुना, वहीं कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर आम लोगों को राहत प्रदान की गई।
कार्यक्रम में राजस्व विभाग, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, कृषि, विद्युत, भूमि सुधार, आवास योजना, मनरेगा सहित अन्य विभागों के स्टाल लगाए गए थे। बड़ी संख्या में लोगों ने भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना, बिजली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से संबंधित आवेदन दिए। कई मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए समाधान उपलब्ध कराया गया, जिससे आमजन में प्रशासन के प्रति संतोष और विश्वास देखने को मिला।
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हिन्दुस्थान समाचार / Akhilanand Mishra
