सीवान, 13 मार्च (हि.स.)। सीवान नगर के वीएमएचई इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित श्रीराम कथा के पांचवे दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक राजन जी महाराज ने मिथिला के धनुष यज्ञ, अहिल्या उद्धार और विश्वामित्र मुनि के साथ भगवान श्रीराम के मिथिला आगमन के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति और आस्था में सराबोर नजर आए।

कथा प्रारंभ होने से पहले ताड़का वेद विद्यालय और रेणुआ स्थित श्री वैष्णव प्रताप सिंह वैदिक गुरुकुल के बटुकों द्वारा मंत्रोच्चार किया गया, जिसे सुनकर राजन जी महाराज भी मंत्रमुग्ध हो गए। कथा वाचन के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे होते हैं। उन्हें न धन आकर्षित करता है और न ही वैभव। जटायु प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परहित से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। जिस व्यक्ति को हम जानते भी नहीं, उसके हित की भावना ही सच्चा परोपकार है।
उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीराम किशोरावस्था में मुनि विश्वामित्र के साथ पिता दशरथ की आज्ञा से घर से निकले तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। उन्होंने बताया कि जो कार्य प्रसन्नता से किया जाता है, उसके सफल होने की संभावना अधिक होती है। व्यक्ति के कार्य से उसके भाव और स्वभाव की झलक मिलती है।
कथा के दौरान उन्होंने अहिल्या उद्धार प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जीवन में किसी के दोष की चर्चा नहीं करनी चाहिए। जब संत की कृपा होती है तो भगवान की कृपा भी अवश्य प्राप्त होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भगवान बिना किसी कारण के प्रेम करते हैं और भक्तों से किसी प्रकार की अपेक्षा नहीं रखते।
राजन जी महाराज ने श्रीराम और लक्ष्मण के मिथिला आगमन तथा धनुष यज्ञ में भाग लेने का मनोहारी चित्रण किया। मिथिला के उपवन में श्रीराम और माता सीता के प्रथम दर्शन के प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। सीता जी द्वारा माता गौरी की पूजा के प्रसंग में जब भजन “गिरिवर राज के किशोरी हे मैया” गाया गया तो कथा पंडाल में मौजूद श्रद्धालु झूम उठे।
कथा श्रवण के लिए नगर उपसभापति किरण गुप्ता, रानी लक्ष्मीबाई स्पोर्ट्स क्लब के संचालक संजय पाठक सहित कई न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजन कल्याण सिंह, स्वागताध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी, संयोजक डॉ. रूपेश कुमार, संरक्षक डॉ. रामेश्वर कुमार और डॉ. राम इकबाल गुप्ता ने किया। मंच संचालन राजेश पांडेय और अंजनी पांडेय ने किया। वहीं पौराणिक महत्व वाली पंगनूर गाय को देखने के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma
