
कोलकाता, 18 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने राज्य के पुलिस प्रशासन में फेरबदल की प्रक्रिया जारी रखते हुए पांच महत्वपूर्ण पुलिस रेंज के उप महानिरीक्षकों (डीआईजी) का तबादला कर दिया है। इससे पहले भी आयोग पुलिस आयुक्त, महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने की कार्रवाई कर चुका है।

चुनाव आयोग की ताजा अधिसूचना के अनुसार रायगंज, मुर्शिदाबाद, बर्दवान, जलपाईगुड़ी और प्रेसीडेंसी रेंज में नए डीआईजी की नियुक्ति की गई है। आयोग ने निर्देश दिया है कि नव नियुक्त अधिकारी गुरुवार सुबह तक अपना कार्यभार संभाल लें।
रायगंज रेंज में 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी राठौड़ अमित कुमार भारत को नया डीआईजी बनाया गया है। वह पहले यातायात एवं सड़क सुरक्षा विभाग में तैनात थे। उन्होंने निंबालकर संतोष उत्तमराव का स्थान लिया है।
मुर्शिदाबाद रेंज में 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी अजीत सिंह यादव को डीआईजी नियुक्त किया गया है। वह पहले पुलिस अधीक्षक (डीईओ) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने सुधीर कुमार नीलकांतम का स्थान लिया है, जिन्हें हाल ही में रायगंज से यहां भेजा गया था, लेकिन अब चुनाव आयोग ने उन्हें हटा दिया है।
जलपाईगुड़ी रेंज में डीआईजी वकार रजा की जगह 2009 बैच की आईपीएस अधिकारी अंजलि सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर बंगाल के चुनावी महत्व को देखते हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बर्दवान रेंज में डीआईजी श्याम सिंह को हटाकर 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी श्रीहरि पांडेय को नियुक्त किया गया है, जो पहले उत्तर बंगाल में खुफिया शाखा में डीआईजी के रूप में तैनात थे।
प्रेसीडेंसी रेंज में भी बदलाव करते हुए कंकर प्रसाद बामी को नया डीआईजी बनाया गया है। उन्होंने भास्कर मुखर्जी का स्थान लिया है।
यह ताजा फेरबदल उस व्यापक प्रशासनिक बदलाव का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के तुरंत बाद हुई थी। इससे पहले मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस आयुक्त जैसे शीर्ष अधिकारियों को भी हटाया जा चुका है।
इसके अलावा दक्षिण बंगाल और उत्तर बंगाल में महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों में भी बदलाव किया गया था। आसनसोल-दुर्गापुर, हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर जैसे शहरी पुलिस आयुक्तालयों में भी नए पुलिस आयुक्त नियुक्त किए गए हैं।
जिलों में भी एक दर्जन से अधिक पुलिस अधीक्षकों का तबादला किया गया है, जिससे जमीनी स्तर पर पुलिस ढांचे में बड़ा बदलाव आया है।
अधिकारियों के अनुसार, चुनाव आयोग का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक निष्पक्षता और कानून-व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकें।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों का तबादला या हटाया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव संबंधी कार्य में नहीं लगाया जाएगा।
हालांकि, इन व्यापक बदलावों के समय और दायरे को लेकर राज्य की राजनीतिक पार्टियों की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है, लेकिन इसके बावजूद चुनाव आयोग चरणबद्ध तरीके से प्रशासनिक पुनर्गठन जारी रखे हुए है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि आयोग पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रबंधन को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।——————
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
