मुंबई ,17मार्च (हि. स.) । ठाणे जिले में हालांकि बदलापुर में फीमेल स्पर्म बेचने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, लेकिनअब इसके तार ठाणे शहर में भी मिले हैं। ठाणे के एक जाने-माने हॉस्पिटल में बिना लाइसेंस के चल रहे आईवीएफ आईवीएफ सेंटर में इसी तरह की गड़बड़ियां होने की बात सामने आने के बाद, ठाणे महानगर पालिका के स्वास्थ विभाग ने तुरंत इस हॉस्पिटल का अप्रूवल कैंसिल कर दिया है और सोनोग्राफी मशीन को सील कर दिया है। मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और एडमिनिस्ट्रेशन को ठाणे के सभी आईवीएफ और सोनोग्राफी सेंटर्स का इंस्पेक्शन करने के निर्देश दिए हैं।

मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने आज इस बारे में हॉल में एक मीटिंग रखी थी। इस मीटिंग में शिवसेना ग्रुप लीडर पवन कदम और चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर डॉ. प्रसाद पाटिल मौजूद थे।
गरीब महिलाओं को पैसे का लालच देकर उनके गर्भ में एक्स्ट्रा स्पर्म बनाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इसके बाद, यह स्पर्म निकालकर लाखों रुपये में बेचा जाता था। डॉ. प्रसाद पाटिल ने मीटिंग में बताया कि यह गैर-कानूनी धंधा बिना बच्चे वाले जोड़ों से मोटी रकम ऐंठकर किया जा रहा था।
इस बीच, ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेडिकल अधिकारियों ने 6 मार्च को ठाणे के एक जाने-माने हॉस्पिटल में बिना मंज़ूरी वाले आईवीएफ सेंटर पर छापा मारा। इस कार्रवाई में, सेंटर की मंज़ूरी कैंसिल कर दी गई और वहां की तीन सोनोग्राफी मशीनें सील कर दी गईं।
इसी पृष्ठभूमि में, मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की सीमा के अंदर सभी आईवीएफ सेंटरों की तुरंत जांच करने का निर्देश दिया है। गैर-कानूनी सोनोग्राफी सेंटरों के खिलाफ खास कैंपेन चलाने के भी आदेश दिए गए हैं। मेयर ने यह भी निर्देश दिया है कि एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले की जांच रेगुलर मॉनिटर करे और हर हफ्ते रिपोर्ट दे और हेल्थ डिपार्टमेंट की कार्रवाई इसी तरह जारी रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा
