बलिया, 31 जनवरी (हि.स.)। सनबीम स्कूल में शनिवार को आयोजित ‘किड्स एंटरप्रेन्योरशिप’ प्रदर्शनी एवं अनुभव साझाकरण कार्यक्रम में कक्षा आठवीं के छात्र-छात्राओं ने अपनी उद्यमिता क्षमता का लोहा मनवाया। नन्हे विद्यार्थियों ने न केवल व्यावसायिक कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि स्वस्थ पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी जताई।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच से समाज के लिए उपयोगी उत्पाद पेश किए। छात्र अथर्व मिश्रा ने इलेक्ट्रिक शॉक से बचाव की आधुनिक तकनीक साझा की, वहीं प्रशिष्टि ने अपने परियोजना के माध्यम से प्रभावी ‘मार्केटिंग प्लानिंग’ के गुर सिखाए। आयुषी ने ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ (अपशिष्ट अवशेषों) से उपयोगी वस्तुओं के पुनर्निर्माण की कला प्रदर्शित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से बचाव के लिए रागिनी व सृष्टि द्वारा प्रस्तुत किए गए नए तरीके आकर्षण का केंद्र रहे। इनके अतिरिक्त आग्रही, उर्वी, आराध्या, शिवांश व गौरव ने भी गुणवत्तापूर्ण एवं कौशल युक्त प्रयोगों की जानकारी दी।
इसके पहले कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि किड्सप्रिन्योरशिप की प्रमुख अभिलाषा मंजुला ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर बच्चों से उनके प्रयोगों और भविष्य की योजनाओं के बारे में संवाद किया। विद्यार्थियों के सटीक प्रत्युत्तर और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर उन्होंने उनके हुनर की सराहना की। विद्यालय प्रबंधन ने उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। उनके साथ विशेषज्ञ के रूप में रविश भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर साल भर चले इस प्रोजेक्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 39 छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के सचिव श्रीवत्स सिंह, प्रधानाचार्या डॉ. अर्पिता सिंह, कोऑर्डिनेटर सहर बानो, हेडमिस्ट्रेस नीतू पांडेय, कोऑर्डिनेटर जयप्रकाश यादव व प्रशांत उपाध्याय के साथ नेहा श्रीवास्तव, नवचंद्र तिवारी, गरिमा तिवारी, विशाल सिंह, सीताराम दुबे व सीबी पांडेय का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन छात्र अक्षत दुबे व सक्षम तिवारी ने किया। विद्यालय के प्रशासक संतोष कुमार चतुर्वेदी ने उपस्थित आभार व्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी
