सुपौल, 16 अप्रैल (हि.स.)। जिले के छातापुर प्रखंड मुख्यालय स्थित बस पड़ाव पर बुधवार की शाम छातापुर से पटना जाने वाली देव ट्रैवल्स की बस में आग लगने के बाद उत्पन्न हुए बवाल को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

घटना के बाद भड़की भीड़ द्वारा छातापुर थाना में तोड़फोड़ और सड़क जाम किए जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। देर रात तक जिले के वरीय अधिकारी छातापुर थाना में कैंप कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करते रहे और पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर 22 लोगों को हिरासत में लिया है।
बताया जाता है कि बुधवार शाम करीब 5:30 बजे बस पड़ाव पर खड़ी देव ट्रैवल्स की बस (BR 31 P 8321) में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस जलकर नष्ट हो गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। करीब 6:20 बजे भीमपुर थाना क्षेत्र से दमकल वाहन मौके पर पहुंचा, लेकिन दमकल के विलंब से पहुंचने को लेकर आक्रोशित भीड़ उग्र हो गई।
स्थिति बिगड़ने पर दमकल कर्मी वाहन लेकर छातापुर थाना की ओर बढ़ गए, जबकि आक्रोशित लोग उनका पीछा करते हुए थाना पहुंच गए। वहां भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने थाना के सामने खड़ी पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर पलट दिया तथा एसएच-91 को जाम कर दिया। सड़क किनारे लगे यातायात पुलिस के बोर्ड को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। भीड़ को शांत कराने के दौरान अवर निरीक्षक त्रिलोकीनाथ शर्मा घायल हो गए, जिनका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया।
114 नामजद व 300 अज्ञात पर प्राथमिकी
प्रभारी सीओ राकेश कुमार और थानाध्यक्ष प्रमोद झा ने बताया कि मामले में 114 नामजद और करीब ढाई से तीन सौ अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। अभियुक्तों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और उपद्रव करने का आरोप है। अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, जबकि अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र
