उमरिया, 07 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले म स्थितं विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से एक बाघिन जल्द ही राजस्थान के मुकुंदरा हिल टाइगर रिज़र्व के लिए रवाना होगी। यह कदम न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि देश में बाघों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुदृढ़ करने का एक बड़ा प्रयास भी माना जा रहा है।

बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि इंडियन एयर फोर्स के हेलीकॉप्टर का सफल ट्रायल गुरुवाही हेलिपैड पर कर लिया गया है। अब उच्च स्तर से अंतिम अनुमति मिलते ही बाघिन को सुरक्षित तरीके से हेलीकॉप्टर के जरिए राजस्थान के मुकुंदरा हिल टाइगर रिज़र्व के लिए रवाना कर दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा कक्ष क्रमांक आर.एफ.-327, बीट दमना, परिक्षेत्र ताला से लगभग 3 से 4 वर्ष आयु की एक बाघिन का सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद बाघिन की पूरी स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाई गई। इसके बाद वैज्ञानिक निगरानी के लिए उसे रेडियो कॉलर पहनाया गया, ताकि उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।
फिलहाल इस बाघिन को कुछ दिनों तक अंडर ऑब्जर्वेशन रखने के लिए मगधी परिक्षेत्र के बहेरहा स्थित बाड़े में सुरक्षित रूप से रखा गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघिन को वहां पूरी देखरेख और संरक्षण के साथ रखा जा रहा है, ताकि यात्रा से पहले उसकी स्थिति पूरी तरह संतुलित और सुरक्षित बनी रहे।
गौरतलब है कि यही बाघिन कुछ दिनों पहले घायल अवस्था में मिली थी। उस समय वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसका सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया था और उसका उपचार कराया गया। अब वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है और नए जंगल में जीवन की नई शुरुआत करने के लिए तैयार है। इसलिए मुकुंदरा हिल टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या और वंश वृद्धि को बढ़ाने के उद्देश्य से इस बाघिन को वहां भेजा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बांधवगढ़ जैसे समृद्ध टाइगर रिज़र्व से स्वस्थ बाघिन को नए स्थान पर बसाने से वहां के पारिस्थितिक संतुलन को मजबूती मिलेगी और बाघों की संख्या में भी इजाफा होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी
