मीरजापुर, 30 जनवरी (हि.स.)। चुनार नगर के बालूघाट स्थित गंगा तट पर शुक्रवार को बाढ़ से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन वाराणसी की टीम ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया। डिप्टी कमांडेंट रवि सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने स्थानीय लोगों को आपदा के समय सतर्कता, राहत और बचाव के जरूरी उपायों की जानकारी दी।

मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, उन्हें प्राथमिक उपचार देने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के तरीकों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। टीम ने बताया कि सांप या अन्य विषैले जीव के काटने पर घबराने के बजाय तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही सीपीआर की प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया गया, ताकि आपात स्थिति में समय पर जान बचाई जा सके।
डिप्टी कमांडेंट रवि सिंह ने कहा कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आपदा से पहले जागरूक करना है, जिससे संकट की घड़ी में वे खुद को सुरक्षित रख सकें और दूसरों की भी मदद कर सकें। वहीं इंस्पेक्टर प्रवीण और सुनील ने गंगा घाट पर डूबते व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से बचाने के उपायों की जानकारी दी।
मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ के जवानों के साथ स्थानीय स्वयंसेवी भी शामिल रहे। अभ्यास के दौरान गंगा तट पर मौजूद लोगों ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया और बचाव तकनीकों को समझा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा
