हैदराबाद, 07 अप्रैल (हि.स.)। भारत राष्ट्र समिति ( बीआरएस) के महासचिव आरएस प्रवीण कुमार ने मंगलवार को नादरगुल भूमि के मुद्दे पर प्रशासनिक अधिकारियों को 72 घंटे की समय सीमा दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो पार्टी खुद हस्तक्षेप करेगी। उन्होंने 373 एकड़ विवादित भूमि से फेंसिंग और नीली चादरों को तुरंत हटाने की मांग की।

बीआरएस मुख्यालय तेलंगाना भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ‘लैंड सीलिंग एक्ट’ के तहत 50 एकड़ जमीन अपने पास रखें और शेष 325 एकड़ जमीन पर कब्जा करें, जिसे कथित तौर पर कांग्रेस नेताओं ने हथिया लिया है।
आरएस प्रवीण कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा, अगर सरकार 72 घंटों के भीतर जवाब नहीं देती है, तो हम सीधी कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी पर सत्ता के दुरुपयोग और भूमि अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप लगाया।
प्रवीण कुमार ने कहा कि लगभग 7,000 करोड़ रुपये मूल्य की इस भूमि का उपयोग निजी लाभ के बजाय कल्याणकारी योजनाओं, आवास, ऋण माफी और शिक्षा के लिए किया जाना चाहिए।
बीआरएस एमएलसी दासोजु श्रवण ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार यह सरकारी जमीन है और सवाल उठाया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के बावजूद फेंसिंग की अनुमति कैसे दी गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj
