नई दिल्ली, 11 मार्च (हि.स.)। उत्तर-पश्चिम जिला की फाॅरनर सेल ने भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी दंपती को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान विकाश उर्फ दिप्तो कुमार पाल (28) और इसकी पत्नी रूमा बेगम (27) के रूप में हुई है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि दोनों मिलकर अवैध रूप से बांग्लादेशी नागरिकों को घुसपैठ में मदद कर रहे थे।

पुलिस ने आरोपिताें के पास से दो मोबाइल फोन के अलावा इसमें ‘ईमो एप्लीकेशन’ इंस्टॉल बरामद किए हैं। इसके अलावा छह अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेज भी बरामद किए हैं। जाच के दौरान टीम को पता चला है कि दंपती मोटी रकम लेकर बॉर्डर पार करवाते थे। कुछ माह पूर्व दोनों को देहरादून पुलिस ने बांग्लादेशी डिपोर्ट किया था। दंपती दोबारा अवैध रूप से भारत में दाखिल हो गया।
उत्तर-पश्चिम जिले की पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि जिले की फॉरनर सेल लगातार अवैध रूप से दिल्ली में रह रहे विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटा रही है। इसकी कड़ी में कुछ दिनों पूर्व टीम ने तीन बांग्लादेशी महिला नागरिकों को दबोचा था। इन तीनों महिलाइों से पूछताछ हुई, तो उन्होंने विकाश का नाम बताया।
महिलाओं का कहना था कि विकाश ने ही उनके सीमा पार कराने का इंतजाम करवाया। इसके अलावा उसने दिल्ली में उनके रुकने का इंतजाम करवाया। विकाश अपनी पत्नी के साथ मिलकर काम कर रहा है। टीम न विकाश की जानकारी जुटाना शुरू कर दी। उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुलिस ने नजर रखना शुरू कर दिया। इस दौरान टीम को खबर मिली कि आरोपित विकाश और इसकी पत्नी जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास आने वाल हैं। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने दोनों की पहचान की और दबोच लिया। दोनों शुरुआत में खुद को भारतीय बताने लगे। बाद में उनके कागजात की पड़ताल की गई तो दोनों के कागजात फर्जी निकले।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर एफआरआरओ के समक्ष पेश किया। अब इनके डिपोर्ट करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लोगों ने भारत में अब तक कितने लोगों को अवैध रूप से दाखिल करवाया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी
