नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हि.स)। चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर गुरुवार को भूटान पहुंचे केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने स्वच्छ ऊर्जा और विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा मनोहर लाल ने भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योंपो गेमे शेरिंग के साथ भी बैठक की।

बैठक में जलविद्युत क्षेत्र में जारी सहयोग को मजबूत करने और भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा (सौर या पवन ऊर्जा जैसे कभी न खत्म होने वाले स्रोत) तथा क्षेत्रीय बिजली व्यापार की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ताओं का मुख्य केंद्र ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना विकास रहेगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच ‘पुनात्सांगछू-दो’ जलविद्युत परियोजना के लिए बिजली की दरों से जुड़े नियमों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों पक्षों ने बिजली ग्रिड की स्थिरता और सीमा पार बिजली के व्यापार को अधिक सुचारू बनाने के लिए एक तकनीकी ढांचे पर सहमति व्यक्त की।
भारत और भूटान के बीच आपसी विश्वास पर आधारित अनुकरणीय संबंध हैं और यह यात्रा इन संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें गैर-जलविद्युत ऊर्जा, बिजली पारेषण और परियोजनाओं के वित्तपोषण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। बिजली मंत्री मनोहर लाल के इस दौरे को भारत और भूटान के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह साझेदारी आपसी विश्वास और विभिन्न क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग की विशेषता रखती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर
