भोपाल, 28 जनवरी (हि.स.)। मध्यप्रदेश पुलिस के एडीजी (प्रशिक्षण) राजाबाबू सिंह द्वारा मदरसों में नैतिक शिक्षा के रूप में गीता पढ़ाने के सुझाव को राजनीतिक समर्थन मिलने लगा है। भोपाल के हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पहल का खुलकर समर्थन करते हुए इसे समाज के लिए सकारात्मक कदम बताया है।

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दर्शन है। इससे आत्मबल बढ़ता है, सामाजिक समरसता का बोध होता है और अन्याय व अपराध के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मदरसों में हिंदू बच्चों को बुलाकर उर्दू पढ़ाई जा सकती है, तो गीता पढ़ाने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उनके अनुसार, गीता किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए मार्गदर्शक ग्रंथ है।

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि गीता सबको पढ़नी चाहिए और पढ़ाई भी जानी चाहिए, क्योंकि यह कर्तव्य, कर्म और नैतिकता का संदेश देती है, जिसकी आज के दौर में हर नागरिक को आवश्यकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
