सारण, 10 फ़रवरी (हि.स.)। पुलिस की प्रभावी पैरवी और न्यायालय की तत्परता से 2017 के एक चर्चित हत्याकांड में सफलता हाथ लगी है। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीकांत सिंह की अदालत ने मढ़ौरा थाना क्षेत्र के दयालपुर गांव निवासी चार अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला मढ़ौरा थाना कांड संख्या 308/17 से जुड़ा है। पुलिस ने इस मामले में धारा 302/201/34 भा.द.वि. के तहत मामला दर्ज किया था। घटना के बाद से ही पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सारण पुलिस ने इसे गंभीर कांड की श्रेणी में रखकर त्वरित विचारण करा रही थी।

न्यायालय ने जिन चार व्यक्तियों को सजा सुनाई है वे सभी दयालपुर, थाना- मढ़ौरा के निवासी हैं, न्यायलय द्वारा इन पर धारा 302 के तहत सभी चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा दी गई है। अर्थदण्ड न देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 201 के तहत साक्ष्य मिटाना हेतु सभी अभियुक्तों को 03-03 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।

पुलिस ने बताया कि आगे भी गंभीर अपराधों में त्वरित सजा दिलाने के लिए संकल्पित है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक दिनेश्वर सिंह कौशिक ने पैरवी की। अनुसंधानकर्ता द्वारा दाखिल किए गए साक्ष्यों के आधार पर कुल 07 गवाहों जिसमें डॉक्टर और अनुसंधानकर्ता शामिल थे की गवाही समय पर पूर्ण कराई गई। इसी का परिणाम रहा कि घटना के वर्षों बाद अभियुक्तों को उनके किए की सजा मिली।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार
