सीवान, 11 मार्च (हि.स.)।

सीवान नगर के वी एम एच ई इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का मनोहारी और भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पूज्य राजन जी महाराज ने जैसे ही “भय प्रकट कृपाला दीन दयाला” भजन गाया, पूरा कथा पांडाल भक्तिरस में डूब गया और श्रद्धालु आस्था के उल्लास में थिरकने लगे।
भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग पर पूरे पांडाल में उत्सव जैसा वातावरण बन गया। चॉकलेट, खिलौने और मिठाइयों की वर्षा के बीच श्रद्धालुओं ने प्रभु के जन्म की खुशी मनाई। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और बालिकाएं सभी रामभक्ति के रंग में रंगे दिखाई दिए और वातावरण जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
कथा की शुरुआत यजमानों द्वारा श्रीरामचरितमानस ग्रंथ की आरती से हुई। इसके बाद “तेरी मर्जी का मैं हूं गुलाम, ओ मेरे अलबेले राम” भजन के साथ कथा आरंभ हुई, जिस पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भक्ति में लीन हो गए। कथा वाचन के दौरान पूज्य राजन जी महाराज ने कहा कि भगवान हमारे आसपास ही विद्यमान हैं, लेकिन मन के विकारों के कारण हम उन्हें देख नहीं पाते। जब मन निर्मल हो जाता है तो भगवान सर्वत्र दिखाई देने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि मन को निर्मल करने का सबसे सरल उपाय प्रभु श्रीराम के नाम का स्मरण और उनकी कथा का श्रवण है। जब तक मन में भेदभाव रहेगा, तब तक हम भगवान की महिमा को अनुभव नहीं कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि जब-जब अधर्म का बोलबाला बढ़ता है और भक्तों पर अत्याचार होता है, तब भगवान अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं।
राजन जी महाराज ने भगवान के विभिन्न अवतारों का भी वर्णन करते हुए कहा कि अंश अवतार, आवेश अवतार, विशिष्ट अवतार, पूर्ण अवतार और महापुरुष अवतार—इन पांच प्रकार के अवतारों के माध्यम से भगवान समय-समय पर पृथ्वी पर प्रकट होते हैं। उन्होंने कहा कि जब अयोध्या में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ, तब पूरी अयोध्या नगरी मंगलमय हो उठी और वातावरण सुगंधित हो गया।
कथा के तीसरे दिन मुख्य यजमान सुभाष प्रसाद व धर्मशिला देवी रहे। दैनिक यजमान के रूप में डॉ. राम इकबाल गुप्ता, डॉ. कंचन माला गुप्ता, डॉ. रामेश्वर सिंह, डॉ. सृष्टि सौम्या, डॉ. गणेश दत्त पाठक, रेखा पाठक, दीपक सिंह, रिंकी देवी, डॉ. अमरेश कुमार, डॉ. संध्या देवी, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. रूपम सिंह, रजनीश वर्मा, शिखा वर्मा, रामबाबू प्रसाद व निर्मला देवी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में डॉ. आर.एन. ओझा, डॉ. अशोक प्रियंवद, जिला बंदोबस्त अधिकारी सुजीत कुमार, उपसमाहर्ता जूली कुमारी, कला एवं संस्कृति की प्रभारी पदाधिकारी शालू कुमारी, जिला श्रम पदाधिकारी सुधांशु शेखर पांडेय और जिला नेटवर्क अभियंता हिमांशु प्रकाश सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सदर एसडीएम आशुतोष गुप्ता भी अपने माता-पिता के साथ प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
कथा में जेएनएस पब्लिक स्कूल के छात्र भी शामिल हुए। आगंतुक अतिथियों का स्वागत श्रीराम कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजन कल्याण सिंह, स्वागताध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी, संयोजक डॉ. रूपेश कुमार और कोषाध्यक्ष प्रेमशंकर सिंह ने किया। कथा वाचन से पूर्व पूज्य राजन जी महाराज ने प्रज्ञा प्रवाह के संपर्क पत्रक का विमोचन भी किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma
