

भोपाल, 13 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश पुलिस आधुनिक तकनीक, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली एवं सुनियोजित रणनीति के माध्यम से लगातार सायबर अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। पुलिस ने देवास ओर विदिशा में सायबर अपराधों के विरुद्ध अलग-अलग प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए सायबर ठगी में संलिप्त आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की गई।

पुलिस मुख्यालय द्वारा सोमवार को जानकारी दी गई कि देवास जिले में गत 02 जनवरी को दर्ज एक प्रकरण में फरियादी के मोबाइल पर “RTO Chalan.apk” नामक संदिग्ध लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर 7 लाख 98 हजार रुपये की ठगी की गई थी। प्रकरण में थाना नाहर दरवाजा में अपराध पंजीबद्ध कर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम द्वारा 1600 किलोमीटर दूर हावड़ा (पश्चिम बंगाल) एवं 800 किलोमीटर दूर दिल्ली से जुड़े संगठित गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 4 लाख 96 हजार 500 रुपये नगद एवं 02 एंड्रॉइड मोबाइल फोन जप्त किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लागू “ई-जीरो एफआईआर” प्रणाली के अंतर्गत एक लाख रुपये से अधिक की सायबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज होते ही स्वतः सायबर मुख्यालय भोपाल में पंजीबद्ध की जाती है, जिसे संबंधित जिले में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज कर त्वरित विवेचना प्रारंभ की जाती है। इस प्रणाली के माध्यम से “गोल्डन ऑवर” में बैंक खातों को फ्रीज कर डिजिटल साक्ष्य संकलित किए जाते हैं, जिससे ठगी गई राशि की रिकवरी की संभावना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
विदिशा में 5 वर्षों से संचालित फर्जी कॉल सेंटर ध्वस्त कर मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार
इसी तरह राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा प्राप्त मुखबिर सूचना के आधार पर विदिशा जिले के गंजबासोदा क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश देकर आरोपी एवं उसकी महिला सहकर्मी को गिरफ्तार किया गया । आरोपी द्वारा विगत 4-5 वर्षों से “Quikr Job” के नाम पर फर्जी कॉल कर अभ्यर्थियों से रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू एवं ज्वाइनिंग किट के नाम पर राशि विभिन्न खातों में जमा कराकर सुनियोजित तरीके से ठगी की जा रही थी। दबिश के दौरान मौके से 20 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 12 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 03 पासबुक, 02 चेकबुक, 01 पेन ड्राइव, डाटा रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं आईटी एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
रतलाम— मल्टी-स्टेट फ्रॉड में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट का खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार
रतलाम जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रतलाम पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए एक मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े म्यूल अकाउंट का खुलासा किया है। साइबर सेल टीम द्वारा “Operation MATRIX (Mule Account Tracking, Removal Investigation Exercise)” के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए, NCRP एवं JCCT पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर फेडरल बैंक के एक संदिग्ध खाते की जांच की गई। जांच में यह खाता प्रथम मित्तल (23 वर्ष, निवासी माणकचौक, रतलाम) के नाम पर संचालित पाया गया, जिसमें 47 लाख 75 हजार 301 रूपए की संदिग्ध राशि जमा हुई थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह खाता म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग किया जा रहा था, जिसका उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा ऑनलाइन ठगी एवं आर्थिक अपराधों में धन के प्रवाह को छिपाने हेतु किया जाता है।
प्रकरण की जांच में यह भी सामने आया कि उक्त खाता तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी के.सी. श्रीधर के साथ हुए “डिजिटल अरेस्ट स्कैम” से जुड़ा है, जिसमें कुल 67 लाख 75 हजार 301 रूपए की ठगी की गई थी और उसकी आंशिक राशि इसी खाते में ट्रांसफर हुई थी। प्रथम दृष्टया अपराध सिद्ध होने पर थाना माणकचौक में प्रकरण पंजीबद्ध कर प्रथम मित्तल सहित उसके सहयोगी हेमंत रायक उर्फ मोनू (निवासी रुद्राक्ष कॉलोनी) एवं शुभम रेडा उर्फ चीकू (निवासी नगरवास) को गिरफ्तार किया गया।
इटारसी- वर्क फ्रॉम होम टास्क के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा
वहीं, नर्मदापुरम जिले में वर्क फ्रॉम होम टास्क के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के विरुद्ध थाना इटारसी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिनांक 02 जनवरी को फरियादिया को व्हाट्सएप के माध्यम से वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां होटल-रेस्टोरेंट रेटिंग के टास्क दिए गए। प्रारंभ में छोटे-छोटे भुगतान (1 हजार 40 रुपये, 3 हजार 900 रुपये, 1 हजार 350) देकर विश्वास अर्जित किया गया, इसके बाद अधिक राशि निवेश करने के नाम पर 3 लाख 36 हजार 800 रुपये की धोखाधड़ी की गई।
विवेचना के दौरान साइबर सेल नर्मदापुरम एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए राजस्थान के बीकानेर से आरोपी एहसान अली उर्फ प्रिंस तथा मध्य प्रदेश के नीमच से मोहम्मद फरहान एवं मुसरफ को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से ठगी की राशि एवं प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
