भाेपाल, 10 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयपुर विधानसभा से कांग्रेस नेता मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य किए जाने के मामले में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला भाजपा की खरीद-फरोख्त की राजनीति और उसके “चाल, चरित्र और चेहरा” को उजागर करता है।

जीतू पटवारी ने मंगलवार काे पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा यह सवाल उठा रही है कि विजयपुर से एक आदिवासी विधायक विधानसभा कैसे पहुंच गया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा आदिवासी नेताप्रतिपक्ष की “औकात” पूछना उनकी आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। यही व्यवहार विजयपुर के हमारे नेता मुकेश मल्होत्रा के साथ किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में दी जाएगी चुनौती
पटवारी ने घोषणा की कि मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित करने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाएगी। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की ओर से पैरवी करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उन्हें विश्वास है कि न्याय मिलेगा तथा मुकेश मल्होत्रा फिर से जनता के समर्थन से चुनकर आएंगे।
आदिवासी समाज से भाजपा नेताओं से मांगा जवाब
पीसीसी चीफ पटवारी ने भाजपा के आदिवासी सांसदों, विधायकों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से सवाल करते हुए कहा कि वे बताएं कि क्या इस तरह का कदम सही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सोच ने आदिवासी समाज का अपमान किया है और लगातार उनके अधिकारों पर प्रहार हो रहा है।
महंगाई और कानून-व्यवस्था पर भी घेरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार को बढ़ती महंगाई दिखाई नहीं देती, लेकिन उसे यह जरूर दिखाई देता है कि एक आदिवासी विधायक विधानसभा कैसे पहुंच गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार की लापरवाही के कारण इंदौर में 35 बच्चों की मौत हुई और छिंदवाड़ा में जहरीली शराब से लोगों की जान गई, लेकिन सरकार इन घटनाओं को लेकर गंभीर नहीं है।
मंत्रालय पर भी साधा निशाना
पटवारी ने आरोप लगाया कि भोपाल स्थित वल्लभ भवन दलालों का अड्डा बन गया है, जहां आम लोगों के काम बिना बिचौलियों के नहीं होते। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था भी बदहाल है और कई विश्वविद्यालय डिग्री बेचने वाले संस्थान बनते जा रहे हैं।
सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
उन्होंने विधायक निर्मला सप्रे के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार लोगों को एक अदालत से दूसरी अदालत तक गुमराह कर रही है। यदि भाजपा में साहस है तो निर्मला सप्रे का दोबारा चुनाव कराकर दिखाए। पटवारी ने कहा कि प्रदेश में किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है और सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
लाड़ली बहना योजना पर भी टिप्पणी
उन्होंने कहा कि सरकार लाड़ली बहना योजना में बहनों से किए गए 3 हजार रुपये देने के वादे को भी पूरा नहीं कर पाई है। पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है और आम जनता सरकार की नीतियों से परेशान है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी और राज्य को कर्ज के बोझ से मुक्त कर विकास की नई दिशा दी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
