– मप्र असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल की चतुर्थ बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय

भोपाल, 23 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों का मुख्यमंत्री श्रम श्री स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ रिकार्ड रखा जाएगा, विशेष रूप से श्रमिकों के 25 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा 50 वर्ष से अधिक उम्र के श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण प्राथमिकता से किया जाएगा। इस कार्य में पंचायतों में संचालित आयुष भवनों का भी सहयोग लिया जाएगा।

यह निर्णय प्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मप्र असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल की चतुर्थ बैठक में लिये गये। इस अवसर पर मंडल के आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्राक्कलन को स्वीकृति प्रदान की गई।
श्रम मंत्री पटेल द्वारा प्रथम श्रमणा सहकारी समिति, भोपाल के अध्यक्ष विकास संसारे तथा समिति के सदस्यों का टी-शर्ट, कैप तथा प्रमाण-पत्र प्रदान कर स्वागत किया गया। बैठक में श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन, मंडल के सचिव, संजय कुमार, सहायक सचिव दीपा तुली सहित संचालक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में संबल बोर्ड के दिवंगत सदस्य ओंकार को शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को श्रमणा योजना अंतर्गत सहकारी समिति बनाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिये अवसर प्रदान करने के लिये एक करोड़ रुपये राशि का प्रावधान मंडल के बजट में करने का निर्णय लिया गया। संबल कार्ड के नवीनीकरण के लिये श्रमिकों से शुल्क लिये जाने तथा नियोजकों से अभिदाय लेकर असंगठित श्रमिकों के लिये कल्याण निधि गठित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत 1 करोड़ 78 लाख श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़े जाने एवं श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लिये योजना पर विचार किया गया। असंगठित श्रमिकों के पुत्र-पुत्रियों को जो 10वीं की परीक्षा में प्रावीण्य सूची में रहे है. ऐसे 100 छात्रों को छात्रवृत्ति उच्च शिक्षा स्तर तक दिये जाने के संबंध में योजना तैयार करने का निर्णय लिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
