कोलकाता/अलीपुरद्वार, 16 अप्रैल (हि. स.)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अलीपुरद्वार में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चुनाव के दौरान बाहरी लोगों को लाकर होटलों में ठहरा रही है और उनके जरिए पैसे का वितरण कराया जा रहा है।

तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार सुमन कंजीलाल के समर्थन में आयोजित सभा में ममता बनर्जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और असम से लोगों को लाकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास स्थानीय कार्यकर्ताओं की कमी है, इसलिए एजेंसियों के माध्यम से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं और उन्हीं लोगों को बूथों पर बैठाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि बाहरी एजेंसियां फॉर्म भरने के दौरान लोगों की निजी जानकारी जैसे नाम, पता, बैंक खाते और फोन नंबर एकत्र कर रही हैं, जिसका बाद में दुरुपयोग किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कई वादे पूरे करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चाय बागानों को खोलने और रोजगार देने जैसे वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें पहले ही लागू कर दी हैं और सरकारी कर्मचारियों को 25 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में अब भी पेंशन व्यवस्था जारी है और कर्मचारियों को विभिन्न त्योहारों पर अवकाश सहित कई सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने भाजपा पर रोजगार को लेकर किए गए वादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।
महिला आरक्षण और डीलिमिटेशन के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का समर्थन होने के बावजूद इसे सीट पुनर्विन्यास के साथ जोड़ना पश्चिम बंगाल को विभाजित करने की कोशिश है और यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा संकट के समय लोगों के साथ खड़ी नहीं होती, जबकि राज्य सरकार प्राकृतिक आपदाओं और विकास कार्यों में लगातार सक्रिय रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए कोई जगह नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
