मुंगेली, 02 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिले में हेपेटाइटिस बी एवं सी की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार साेमवार काे एक दिवसीय बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को हेपेटाइटिस की रोकथाम, स्क्रीनिंग, रिपोर्टिंग एवं उपचार संबंधी अद्यतन दिशानिर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, ताकि जिले में वायरल हेपेटाइटिस उन्मूलन की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि समय पर जांच और उपचार से संक्रमण को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। विशेष रूप से उच्च जोखिम समूहों में नियमित स्क्रीनिंग और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को उच्च जोखिम समूहों एवं गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. शिव पाल सिंह सिदार ने कहा कि हेपेटाइटिस एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है। संक्रमित रक्त, असुरक्षित सुई या ब्लेड का उपयोग, असुरक्षित टैटू बनवाना तथा असुरक्षित यौन व्यवहार हेपेटाइटिस संक्रमण के प्रमुख कारण हैं। गर्भवती महिलाओं की अनिवार्य जांच से नवजात शिशुओं को संक्रमण से बचाया जा सकता है। प्रशिक्षण में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार, आरसीएच अधिकारी डॉ. अमित लाल, आईडीएसपी कार्यक्रम के जिला डाटा प्रबंधक श्री ओमप्रकाश साहू सहित विभिन्न स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल
