मैहर, 10 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर में इन दिनों हाईवे से लेकर शहरी सड़कों तक अवैध रेत परिवहन का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। रेता से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली और हाइवा वाहनों की बेतरतीब आवाजाही और सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई स्थानों पर भारी वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे रास्ता संकरा हो जाता है और अचानक वाहन मोड़ने से हादसे की आशंका बनी रहती है। खासतौर पर आकृति होटल के पास और हाईवे पर कटनी मोड़ क्षेत्र में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है, जहां अक्सर दर्जनों वाहन खड़े देखे जा सकते हैं।
आरोप है कि इन वाहनों की वैधता की जांच नहीं हो रही है। न तो ट्रांजिट पास (टीपी) की पड़ताल की जा रही है और न ही रॉयल्टी की पुष्टि की जा रही है। इससे खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा, खुले में भरी रेत के कारण धूल उड़ती रहती है, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार यह स्थिति दुर्घटनाओं का कारण भी बन रही है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जहां छोटे दुकानदारों पर अतिक्रमण के नाम पर कार्रवाई की जाती है, वहीं सड़क किनारे खड़े भारी वाहन प्रशासन को नजर नहीं आते।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अब क्षेत्र की जनता प्रशासन से ठोस कदम उठाने और अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाने की मांग कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी
