यमुनानगर, 13 मार्च (हि.स.)। यमुनानगर शहर की संजय विहार कॉलोनी में नगर निगम द्वारा जारी किए गए नोटिसों को लेकर निवासियों में असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है। निगम प्रशासन ने कॉलोनी के कई मकानों को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बताते हुए सात दिन के भीतर स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि संबंधित भवनों में निर्माण अथवा अन्य गतिविधियां तत्काल प्रभाव से बंद की जाएं, अन्यथा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

नोटिस मिलने के बाद कॉलोनी के कई परिवारों में दहशत का माहौल बन गया। निवासियों ने शुक्रवार काे कहा कि नोटिस में जिस खसरा नंबर का उल्लेख किया गया है, वह उनके मकानों से संबंधित नहीं है। अचानक मिली इस कार्रवाई की चेतावनी से लोगों में चिंता बढ़ गई है। कॉलोनी के लोगों के अनुसार एक परिवार की महिला को तनाव के कारण स्वास्थ्य समस्या भी हो गई। कॉलोनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस विषय में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा को पूरे मामले से अवगत कराया गया है। दोनों नेताओं ने निवासियों को भरोसा दिलाया है कि यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो उसकी जांच कराई जाएगी। निवासियों का यह भी कहना है कि वे मामले की जानकारी लेने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन संबंधित अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी। इस बीच भाजपा कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक और कष्ट निवारण समिति के सदस्य रोशन लाल शर्मा तथा बी के मेहता ने कहा कि कॉलोनी के कई परिवारों के पास संपत्ति से जुड़े वैध दस्तावेज मौजूद हैं। उनके अनुसार रजिस्ट्री, इंतकाल, विकास शुल्क जमा होने के प्रमाण और स्वीकृत नक्शे भी उपलब्ध हैं। उन्होंने मांग की कि नोटिस जारी करने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
