यमुनानगर, 20 मार्च (हि.स.)। यमुनानगर जिला नागरिक अस्पताल में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति उस समय उजागर हो गई जब स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ.मनीष बंसल ने गुरुवार देर शाम अचानक निरीक्षण किया। उनके साथ निदेशक (प्रशासन) डॉ. वीरेंद्र यादव भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कई स्तरों पर खामियां सामने आने पर अधिकारियों ने संबंधित स्टाफ को कड़ी चेतावनी दी और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सबसे गंभीर मुद्दा ट्रॉमा सेंटर को लेकर सामने आया, जिसका भवन तैयार होने के बावजूद संचालन शुरू नहीं किया गया है।

इस पर नाराजगी जताते हुए डीजी हेल्थ द्वारा इसे लापरवाही करार दिया गया और शीघ्र सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण टीम ने अस्पताल परिसर के विभिन्न वार्डों, कार्यालयों और सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया। इस दौरान पीएमओ कार्यालय के शौचालय अस्वच्छ पाए गए, जिस पर तुरंत सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए गए।
मरीजों और उनके परिजनों के लिए बनाए गए सुकून कक्ष में न तो कोई कर्मचारी मौजूद मिला और न ही इसका उपयोग होता नजर आया। इससे सुविधा के संचालन पर सवाल उठे। साथ ही स्टाफ की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए उन कर्मचारियों का रिकॉर्ड मांगा गया, जिन्होंने अब तक शाम या रात्रि ड्यूटी नहीं की है। एनएचएम कर्मचारियों को निर्धारित कार्यों से हटाकर अन्य कार्यों में लगाए जाने पर भी आपत्ति जताई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संसाधनों का दुरुपयोग और ड्यूटी में ढिलाई किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। ओपीडी में भी अव्यवस्था देखने को मिली।
नए और पुराने मरीजों के लिए अलग-अलग पंजीकरण व्यवस्था लागू न होने से भीड़ प्रबंधन प्रभावित हो रहा है। इस दिशा में सुधार के निर्देश दिए गए। पूर्व निरीक्षणों में भी खामियां सामने आने के बावजूद अपेक्षित सुधार न होने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में अनुपस्थित पाए गए एक लैब तकनीशियन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि अनुशासनहीनता पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
