पूर्व सांसद ने कहा- गांव में बिना भेदभाव साथ खेलते हैं बच्चे, कानून की नहीं भाईचारे की जरूरत

गोंडा, 29 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े विवादित कानून को लेकर कहा कि यह पढ़ने वाले बच्चों के बीच भ्रामक स्थिति पैदा कर रहा है और देशभर में बड़े पैमाने पर इसका विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि सवर्ण, दलित और पिछड़े समाज के बच्चे गांवों में वर्षों से बिना किसी भेदभाव के साथ खेलते-पढ़ते आ रहे हैं, लेकिन नया कानून उसी स्वाभाविक सामाजिक समरसता को तोड़ने का काम करेगा।

बृजभूषण शरण सिंह ने सरकार से आग्रह किया कि समाज को गांवों की जमीनी हकीकत देखकर समझा जाए और इस कानून को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने सवर्ण समाज से भी अपील की कि वे ओबीसी और दलित समाज के समझदार लोगों से संवाद स्थापित करें और मिलकर इस कानून का विरोध करें। उन्होंने कहा कि गांवों में हर सामाजिक अवसर-शादी, ब्याह, पर्व- सभी की भागीदारी से ही पूरे होते हैं।
पूर्व सांसद ने अपने द्वारा आयोजित सनातन कथा और “सनातन वाटिका” के निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें बावन जात समाज के धर्मगुरुओं ने सहभागिता की। उन्होंने कहा कि आपने कानून बनाकर उस मिशन को नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई गंभीर अपराध होता है तो दोषी को सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी समाज का हो। लेकिन यदा-कदा होने वाली घटनाओं के आधार पर ऐसा कानून लाना, जो पूरे समाज को बांट दे, खतरनाक है। उन्होंने कहा कि पहले भी कई कानून बने लेकिन अत्याचार रुके नहीं बल्कि उनका दुरुपयोग बढ़ा-इसलिए समीक्षा जरूरी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह कानून समाज में टकराव पैदा करेगा और यदि जरूरत पड़ी तो इसके खिलाफ आंदोलन होगा, जिसमें सनातन धर्म को मानने वाले सभी वर्ग-दलित, पिछड़े और सवर्ण-शामिल होंगे।
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि लोकतंत्र को जिंदा रखना है तो गांवों की सामाजिक एकता को समझना होगा। उन्होंने सभी समाजों से सौहार्द बनाए रखने और इस कानून का समर्थन न करने की अपील की।
इससे पूर्व, बृजभूषण शरण सिंह ने महाराष्ट्र में हुए विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित सात लोगों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा
