राजगढ़, 10 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जन जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्टर डाॅ.गिरीशकुमार मिश्रा द्वारा बाल श्रम जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर कलेक्टर डाॅ.मिश्रा ने कहा कि बाल श्रम न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके उज्जवल भविष्य और समाज के समग्र विकास में बाधक है। यह जागरुकता रथ 15 दिवसीय विशेष ब्रेक द ब्रिक अभियान राजगढ़ के तहत जिले के समस्त नगरीय क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। अभियान के दौरान बाल श्रम निषेध से संबंधित संदेश, पंपलेट, आडियो संदेश एवं जनसंवाद के माध्यम से लोगों को जागरुक किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के ऐसे आठ विशेष क्षेत्रों को भी चिन्हित किया गया है, जहां बाल श्रम की संवेदनशीलता अधिक है। यह जागरुकता रथ प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में पहुंचकर संबंधित सीएमओ से बाल श्रम निषेध अधिनियम के पालन के संबंध में एक निर्धारित फाॅर्म पर फीडबैक भी प्राप्त करेगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति का आंकलन किया जाएगा साथ ही आवश्यकतानुसा आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान श्रम विभाग द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठान, होटल, दुकान, ढ़ाबों एवं अन्य संभावित कार्यस्थलों पर निरीक्षण कर बाल श्रम के विरुद्ध सख्त निगरानी रखी जाएगी।
इस अवसर पर जिला श्रम अधिकारी सौरभ गुप्ता, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्यामबाबू खरे, जिला आपूर्ति अधिकारी अजीतसिंह, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष साकेत शर्मा, विशेष किशोर पुलिस इकाई के भिलाला, अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की टीम सहित श्रम विभाग राजगढ़ का समस्त अमला मौजूद रहा। इस मौके पर कलेक्टर डाॅ मिश्रा ने आमजन से अपील की यदि कही भी बाल श्रम की जानकारी मिलती है तो तत्काल प्रशासन अवगत कराएं, ताकि प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक
