जयपुर, 26 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए जूली ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोला।

जूली ने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसानों और लघु व्यापारियों के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के रुख से यह प्रतीत होता है कि देश की संप्रभुता से समझौता किया जा रहा है। संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। सदन के भीतर पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान जूली ने भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नियमानुसार पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव समय पर नहीं कराए गए, जिसके कारण प्रदेश का लगभग 3000 करोड़ रुपये केंद्र में अटका हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग संविधान की बात करते हैं, वही संस्थाओं को कमजोर कर रहे हैं।

जूली ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाकर योजना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि 125 दिन का रोजगार देना है तो इसके लिए लगभग 21 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी, जबकि राज्य की वित्तीय स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरों पर भी जूली ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इन दौरों से राजस्थान को क्या लाभ मिला। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार अपनी मौजूदा हिस्सेदारी देने में कठिनाई महसूस कर रही है, तो बढ़ी हुई जिम्मेदारी कैसे निभाएगी। विधानसभा परिसर में हुए इस प्रदर्शन के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार
