लखनऊ, 26 मार्च (हि.स.)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा प्रयागराज की विधायक पूजा पाल को लेकर दिए गए बयान पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जारी बयान में कहा कि “एफआईआर तो उस रक्तरंजित इतिहास पर होनी चाहिए, जिसमें पाल समाज के होनहार लाल राजू पाल की सरेआम हत्या करने वाले दरिंदों को समाजवादी पार्टी ने अपने सिर-आँखों पर बिठाया था।” उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का राजनीतिक चरित्र हमेशा से माफिया, अपराध और संरक्षणवाद की राजनीति से जुड़ा रहा है। राजू पाल के हत्यारों को पालने-पोसने, उन्हें राजनीतिक संरक्षण देने और माफिया से माननीय बनाने का पाप समाजवादी पार्टी ने किया है। आज वही लोग “गुमराह” होने की बात कर रहे हैं, यह प्रदेश की जनता के साथ-साथ पाल समाज का भी अपमान है।
श्री चौधरी ने कहा कि “सच्चाई यह है कि पाल समाज अब ‘सफारी वाले नकली समाजवाद’ को पूरी तरह पहचान चुका है। वह अब तुष्टिकरण, भय, अपराध और परिवारवाद की राजनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि विकास, सम्मान, सुरक्षा और राष्ट्रवाद की मुख्यधारा का सहभागी बन चुका है।”
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को यह समझ लेना चाहिए कि अब उत्तर प्रदेश की राजनीति बदल चुकी है। आज समाज का हर वर्ग, विशेषकर पिछड़े, वंचित और मेहनतकश समाज, यह देख रहा है कि किसने उन्हें भय, अन्याय और अपराध दिया और किसने उन्हें सम्मान, सुरक्षा और अवसर दिए।
पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव पर सीधा कहा आज जो लोग अपनी ही विधायक के जाने पर ‘गुमराह’ होने की कहानी गढ़ रहे हैं, उन्हें पहले यह जवाब देना चाहिए कि उनके शासनकाल में अपराधियों और माफियाओं का मनोबल इतना ऊँचा क्यों था? क्यों उत्तर प्रदेश की पहचान ‘जंगलराज’ से जोड़ी जाती थी?”
उन्होंने आगे कहा कि राजू पाल की पत्नी स्वयं यह कह चुकी हैं कि यदि सपा सरकार होती, तो शायद आज वह जीवित न होतीं। यह बयान समाजवादी पार्टी के शासन की भयावह सच्चाई और उसके जंगलराज पर सबसे बड़ा तमाचा है।
श्री चौधरी ने कहा कि आज जब जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा और विकास की राजनीति के साथ जुड़ रहे हैं, तो सपा नेतृत्व की बेचैनी और तिलमिलाहट स्वाभाविक है। क्योंकि अब जनता जाति, झूठे नारों और भ्रम की राजनीति से ऊपर उठकर काम, कानून व्यवस्था, विकास और सुशासन के आधार पर निर्णय ले रही है।
उन्होंने कहा “जहाँ तक पाल समाज की बात है, तो वह अब किसी का पिछलग्गू नहीं है। पाल समाज आज नेतृत्वकर्ता समाज है, निर्णायक समाज है, और 2027 में समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अंत में पंकज चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए, आरोपों का नाटक नहीं। जनता सब जानती है कि कौन विकास के साथ है और कौन विनाश की राजनीति के साथ।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन
