गुवाहाटी, 09 मार्च (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने आज यहां एक होटल में आयोजित फिक्की महिला संगठन (फिक्की फ्लो), उत्तर-पूर्व चैप्टर द्वारा आयोजित महिला उपलब्धि पुरस्कार 2026 समारोह में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में उत्तर-पूर्व के विभिन्न क्षेत्रों की पांच उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर बोलते हुए, राज्यपाल ने कहा कि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उत्सव के बाद, यह पुरस्कार समारोह महिलाओं की समाज में शक्ति और योगदान को पहचानने की एक अर्थपूर्ण सिलसिला है। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उनकी निष्ठा, दृढ़ता और उपलब्धियों की सराहना की, जिसने उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में आदर्श बन दिया है।
संस्कृत के श्लोक का उद्धरण देते हुए, “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:”- जिसका अर्थ है “जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं,” राज्यपाल ने कहा कि असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में महिलाओं की साहस और योगदान का सम्मान करने की समृद्ध परंपरा है। उन्होंने वीरता और बलिदान के प्रतीक के रूप में सती जॉयमोति और कनकलता बरुआ जैसी महान महिलाओं को याद किया।
राष्ट्रनिर्माण में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना राष्ट्रीय प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में असम सरकार ने विभिन्न कल्याण और विकास योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए कई पहल की हैं।
उल्लेखनीय है कि पुरस्कार असम के धनंदा पाठक, जो कामरूपी लोक गीत की प्रवक्ता हैं, मेघालय की लंबी दूरी की धावक क्मोइन वाहलांग, मिज़ोरम की सामाजिक उद्यमी मिस जोमावी खियांगटे, त्रिपुरा की उद्यमी और निर्यातक रत्ना डे और मणिपुर के के. चोकहोने, डायैंथे प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ को प्रदान किए गए।
असम की प्रथम महिला कुमुद देवी, संगठन की अध्यक्ष रश्मि मनचंदा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रणिता बरुवा, फिक्की फ्लो के कार्यालय धारक और कई अन्य प्रतिष्ठित अतिथि इस अवसर पर उपस्थित थीं।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
