भुवनेश्वर, 08 फ़रवरी (हि.स.)। ओडिशा के सहकारिता मंत्री प्रदीप बलसामंत ने स्पष्ट किया है कि राज्य में धान खरीद की प्रक्रिया पूरी तरह से सुचारु और पारदर्शी ढंग से चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से कुछ फर्जी किसान आंदोलन का सहारा ले रहे हैं, लेकिन वे अपने प्रयासों में सफल नहीं होंगे।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, वे वास्तविक किसान नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बड़े किसान ही विरोध कर रहे हैं क्योंकि पिछले वर्ष वे 500 क्विंटल तक धान बेच पाए थे, जबकि इस वर्ष प्रति किसान खरीद की सीमा (कैप) 150 क्विंटल निर्धारित की गई है। इसी कारण उन्हें असुविधा हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय पर आगामी वर्ष पुनर्विचार किया जाएगा।
मंत्री बलसामंत ने बताया कि कुछ स्थानों पर मिलरों के पास पर्याप्त भंडारण स्थान नहीं होने के कारण धान खरीद की प्रक्रिया थोड़ी धीमी हुई है, लेकिन बाद में वहां से धान का उठाव किया जा रहा है। जिन किसानों के टोकन लैप्स हो रहे हैं, उन्हें राहत देने के लिए जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि टोकन की वैधता अवधि 15 दिनों तक बढ़ाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि चालू वर्ष में खेती का रकबा बढ़ा है और कई स्थानों पर अनाबादी एवं गोचर भूमि पर भी खेती की गई है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया गया है और यदि वे सचेत नहीं हुए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सहकारिता मंत्री ने दोहराया कि सरकार सभी वास्तविक किसानों से धान खरीदेगी और किसी भी किसान को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। सरकार की मंशा स्पष्ट है और धान खरीद से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो
