भागलपुर, 14 मार्च (हि.स.)। भागलपुर सिविल कोर्ट परिसर में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन शनिवार को किया गया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा शहर के कई गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन भागलपुर सिविल कोर्ट में 21 बैंच, कहलगांव में 2 और नवगछिया में 5 बैंच न्यायालय परिसर में लगाया गया है। इन तीनों स्थानों पर लंबित मामलों के त्वरित और आपसी सहमति से निपटारे के लिए अलग-अलग बेंचों का गठन किया गया है।
भागलपुर सिविल कोर्ट परिसर में बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना दावा, दीवानी वाद, आपराधिक समझौता योग्य मामले तथा राजस्व से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए कई विशेष बेंच बनाए गए हैं। वहीं कहलगांव और नवगछिया न्यायालय परिसर में भी विभिन्न प्रकार के मामलों के समाधान के लिए न्यायिक पदाधिकारियों की देखरेख में अलग-अलग बेंचों का गठन किया गया है, जहां दोनों पक्षों की सहमति से मामलों के निपटारे की प्रक्रिया जारी है।
लोक अदालत में सैकड़ों मामलों को सूचीबद्ध किया गया है। संबंधित पक्षों को पहले ही नोटिस देकर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था, ताकि अधिक से अधिक मामलों का त्वरित समाधान हो सके। अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को कम समय, कम खर्च और आपसी सहमति से न्याय उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के अलावा जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार, कई मजिस्ट्रेट, अधिवक्ता, शिक्षाविद, समाजसेवी और चिकित्सक भी उपस्थित रहे। लोक अदालत के आयोजन को देखते हुए न्यायालय परिसर में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए, ताकि पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति और अनुशासन बना रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर
