मॉस्को, 06 अप्रैल (हि.स.)। रूस ने सोमवार को दावा किया कि यूक्रेन ने ड्रोन हमलों के जरिए ब्लैक सी क्षेत्र में स्थित कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम (सीपीसी) के तेल टर्मिनल को निशाना बनाया, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले में टर्मिनल की लोडिंग व्यवस्था, सिंगल पॉइंट मूरिंग (एसपीएम) और चार बड़े तेल भंडारण टैंक क्षतिग्रस्त हो गए। यह टर्मिनल वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 1.5 प्रतिशत संभालता है और कजाखस्तान के कच्चे तेल के निर्यात का प्रमुख केंद्र है।
इसी बीच, यूक्रेन की सेना ने नोवोरोसिस्क के पास स्थित शेस्खारिस तेल टर्मिनल पर हमला करने का दावा किया, जहां तेल लोडिंग से जुड़े कई ढांचे क्षतिग्रस्त हुए और बड़े पैमाने पर आग लग गई।
रूस का आरोप है कि यूक्रेन ने जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय तेल परिवहन ढांचे को निशाना बनाया, जिससे अमेरिकी और कजाख कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सके।
इस घटनाक्रम के समानांतर, आजोव सागर में एक रूसी अनाज जहाज पर ड्रोन हमले की खबर भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जहाज आग की चपेट में आकर डूबने लगा, जिसे बाद में किनारे तक खींचा गया। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
मौजूदा हालात में रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ-साथ पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता को और बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक बाजारों पर दबाव साफ देखा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय
