नई दिल्ली, 10 फ़रवरी (हि.स.)। रेल मंत्रालय के अंतर्गत नवरत्न सीपीएसई रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने रेलवे सुरक्षा और आधुनिकीकरण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रेलटेल को पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) के जबलपुर मंडल में 1067 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ प्रणाली के कार्यान्वयन का 454.95 करोड़ रुपये का ठेका मिला है।

ईपीसी समझौते के अनुसार इस परियोजना को 960 दिनों में पूरा किया जाना है। ‘कवच’ भारतीय रेल की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना के तहत विकसित किया गया है। यह प्रणाली ट्रेन टक्कर, अधिक गति और सिग्नल पासिंग एट डेंजर (एसपीएडी) जैसी घटनाओं को रोकने में सहायक है। उल्लेखनीय है कि रेलटेल पहले से ही पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) में 1109 रूट किलोमीटर में कवच प्रणाली के दो प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा है।

रेलटेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजय कुमार ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे से मिला यह प्रतिष्ठित आदेश रेलटेल की तकनीकी क्षमताओं और रेलवे सुरक्षा अवसंरचना में उसकी भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि रेलटेल स्वदेशी तकनीकी समाधानों के माध्यम से भारतीय रेल के सुरक्षित और स्मार्ट संचालन के राष्ट्रीय मिशन के प्रति प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना उच्च घनत्व वाले महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर लागू की जाएगी। इसमें इटारसी–मानिकपुर खंड, महदेइया–बीना मालखेड़ी–महादेवखेड़ी, संपूर्ण कटनी कॉम्प्लेक्स, बीना मालखेड़ी–अगासोद, सतना–रीवा, कैमा–सगमा तथा बनसापहाड़–ओहन खंड शामिल हैं।
कुमार ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत ट्रैकसाइड कवच सिस्टम का सर्वे, डिजाइन, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग का कार्य ईपीसी मोड पर किया जाएगा। इसके दायरे में स्टेशनों, लेवल क्रॉसिंग गेट्स और इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नल (आईबीएस) स्थानों पर कवच उपकरणों की स्थापना, ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) कार्य, टावरों की स्थापना तथा संबंधित सिविल, ट्रैक और विद्युत कार्य शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
