काेटा, 10 फ़रवरी (हि.स.)। यात्रियों की सुविधा, डिजिटल सेवाओं के एकीकरण तथा रेल यात्रा को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा “रेलवन ऐप” को एक समग्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। यह ऐप रेल यात्रा से जुड़ी लगभग सभी आवश्यक सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है।

कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक साैरभ जैन के अनुसार रेलवे प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि अब “यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप”, जो अब तक अनारक्षित टिकट बुकिंग के लिए प्रयुक्त हो रहा था, 01 मार्च 2026 से बंद कर दिया जाएगा। चूँकि अनारक्षित टिकट बुकिंग की सुविधा अब पूर्ण रूप से “रेलवन ऐप” में समाहित कर दी गई है, इसलिए यात्रियों को अलग-अलग ऐप उपयोग करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में “यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप” का उपयोग कर रहे सभी यात्री अपनी मौजूदा उपयोक्ता पहचान के माध्यम से आसानी से “रेलवन ऐप” पर स्थानांतरित हो सकते हैं। इसके लिए यात्रियों को नया पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं होगी।
“रेलवन ऐप” के माध्यम से यात्रियों को आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट बुकिंग, प्लेटफॉर्म टिकट, लाइव ट्रेन स्थिति, आरक्षण विवरण, टिकट निरस्तीकरण एवं धनवापसी, रेल मदद सेवाएँ, शिकायत दर्ज करने एवं निवारण, तथा ट्रेन में भोजन बुकिंग जैसी सुविधाएँ एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
ऐप की एक प्रमुख विशेषता सिंगल साइन-ऑन सुविधा है, जिसके अंतर्गत यात्री पूर्व में प्रयुक्त रेलकनेक्ट अथवा यूटीएस ऑन मोबाइल की उपयोक्ता आईडी से ही लॉगिन कर सकते हैं। इसके साथ ही रेलवे ई-वॉलेट की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से अनारक्षित टिकट लेने पर यात्रियों को तीन प्रतिशत की छूट का लाभ मिलता है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय रहते “रेलवन ऐप” को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें, “यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप” से “रेलवन ऐप” पर स्थानांतरण सुनिश्चित करें तथा एकीकृत डिजिटल सेवाओं के माध्यम से अपनी रेल यात्रा को अधिक सहज और सुविधाजनक बनाएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव
