—महापौर की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की बैठक,नगर निगम व जलकल के बजट को हरी झंडी

-20 करोड़ से मॉडल बनेंगी पद्म अवार्डियों की गलियां

वाराणसी, 25 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी नगर निगम की कार्यकारिणी ने बुधवार को शहर के विकास को नई रफ्तार देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 2533.33 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी दे दी। इसमें नगर निगम का 2262.42 करोड़ रुपये तथा जलकल का 275.42 करोड़ रुपये शामिल है । बजट में पहली बार पद्म पुरस्कार विजेताओं और सेवा बस्तियों (मलिन बस्तियों) के लिए विशेष धनराशि का प्रावधान किया गया है।
महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की बैठक में शहर के विकास का अब तक का सबसे बड़ा खाका खींचा गया। मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी (सीएफओ) मनीष शुक्ल ने नगर निगम तथा जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह ने जलकल विभाग के वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित व 2025-26 का पुनरीक्षित आय-व्यय का ब्यौरा कार्यकारिणी में प्रस्तुत किया। महापौर, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल व कार्यकारिणी सदस्यों के सुझाव पर कई मदों में खर्चों में कटौती करने व कुछ मदों में व्यय बढ़ाने के सुझाव पर सहमति बनी। संशोधित बजट पर आगामी सदन की बैठक में चर्चा की जाएगी। सदन की मंजूरी के बाद इसे प्रभावी माना जाएगा।
—— तीन साल में दोगुने से ज्यादा हुआ बजट
पिछले तीन वर्षों में नगर निगम के बजट में 2.69 गुने की वृद्धि हुई है। वहीं, पिछले साल की तुलना में यह सीधे तौर पर 1.7 गुना (लगभग 938 करोड़ अधिक) है, जो शहर की बदलती तस्वीर और राजस्व संग्रहण में हुई वृद्धि को दर्शाता है। वर्ष 2023-24 में जहां बजट 840.90 करोड़ था, वहीं 2026-27 में यह बढ़कर 2262.42 करोड़ तक पहुंच गया है। यह शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर होने वाले खर्च में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत है। जलकल विभाग के बजट शहरवासियों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति और बेहतर सीवरेज सिस्टम प्रदान करने के लिए जलकल के बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। जलकल विभाग में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 270.91 करोड़ रुपये का व्यय (खर्च) प्रस्तावित किया गया है। विभाग ने अपनी आय के स्रोतों, विशेषकर जल मूल्य (वाटर टैक्स) और सीवर टैक्स की वसूली को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है।
——पद्म पुरस्कार विजेताओं की गलियां बनेंगी ‘मॉडल’
काशी की कला और संस्कृति का मान बढ़ाने वाले पद्म पुरस्कार विजेताओं के सम्मान में नगर निगम ने बड़ी पहल की है। उनके आवास की गलियों को ‘मॉडल गली’ के रूप में विकसित करने के लिए बजट में 20 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। इन गलियों को कलात्मक स्वरूप देने के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
——सेवा बस्तियों के लिए 30 करोड़ का ‘कवच’
शहर की सेवा बस्तियों में रहने वाले नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए बजट में 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि से इन क्षेत्रों में सीवर लाइन, शुद्ध पेयजल, आधुनिक स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जाल बिछाया जाएगा।
——इनकी रही उपस्थिति
कार्यकारिणी सदस्यों में उप सभापति नरसिंह दास, अमरदेव यादव, राजेश यादव चल्लू, प्रमोद राय, मदन मोहन, हनुमान प्रसाद, सुशील गुप्ता योगी, प्रवीन राय, अशोक मौर्या , माधुरी सिंह, सुशीला देवी के अलावा अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता, मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय प्रताप सिह, पीआरओ संदीप श्रीवास्तव, संयुक्त नगर आयुक्त जितेंद्र आनंद, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, सीटीओ कुमार असीम रंजन भी मौजूद रहे।
नगर निगम बजट: तीन वर्षों का तुलनात्मक विवरण
(वित्तीय वर्ष बजट राशि (करोड़ में) कितनी हुई वृद्धि)
2023-24 840.90 (आधारवर्ष )
2024-25 1049.17 1.24 गुना (+208.27 करोड़)
2025-26 1324.46 1.57 गुना (+275.29 करोड़)
2026-27 2262.42 2.69 गुना ( +937.96 करोड़)
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
