
धर्मशाला, 14 मार्च (हि.स.)। उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन नेे हिमाचल प्रदेश को देवभूमि और वीरभूमि बताते हुए कहा कि राज्य ने राष्ट्र के सशस्त्र बलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हिमाचल अपनी समृद्ध आतिथ्य सत्कार, संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक विश्वविद्यालयों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए संकाय विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए, नवाचार को प्रोत्साहित करना चाहिए और सहयोग को मजबूत करना चाहिए। उपराष्ट्रपति शनिवार को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

विकसित भारत 2047 के विजन पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस आकांक्षा को साकार करने में छात्र और युवा सबसे महत्वपूर्ण हितधारकों में से हैं। उन्होंने समावेशी विकास का आह्वान किया, जिसमें कोई भी राज्य या समाज का कोई भी वर्ग पीछे न छूटे।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता, हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति ने इस मौके पर मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल भी पहनाए।
इससे पूर्व केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने उप राष्ट्रपति को उनकी तस्वीर का स्केच देकर सम्मानित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया
