जम्मू, 14 मार्च (हि.स.)। कश्मीरी पंडितों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन पनुन कश्मीर ने अपने पूर्व अध्यक्ष अजय चुंगू को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है और उनके कथित विदेशी संबंधों की जांच के आदेश दिए हैं जिनमें अमेरिका स्थित पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट गुलाम नबी फई के साथ कथित बातचीत भी शामिल है। शनिवार को जारी एक परिपत्र में यह जानकारी दी गई है।

पनुन कश्मीर द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि चुंगू की जगह टीटो गांजू को नियुक्त किया गया है। यह परिपत्र पनुन कश्मीर के संयोजक अग्निशेखर ने वरिष्ठ नेताओं से परामर्श और महासचिव कुलदीप रैना, संगठन सचिव बिहारी लाल कौल, प्रचार एवं मीडिया सचिव, उपाध्यक्ष और कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की सिफारिशों के बाद जारी किया। नेतृत्व ने कहा कि यह निर्णय विस्थापित कश्मीरी पंडित समुदाय की आकांक्षाओं और संघर्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले आंदोलन की वैचारिक स्पष्टता, संगठनात्मक अनुशासन और ऐतिहासिक मिशन की रक्षा के लिए लिया गया है।
परिपत्र के अनुसार घोषित और दोषी आईएसआई एजेंट फई से जुड़े एक विवादास्पद लेख के बाद के वर्षों में संगठन के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई थीं। परिपत्र में कहा गया है कि प्रतिवेदन में संगठन विरोधी आचरण, वैचारिक सिद्धांतों से विचलन, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की छवि खराब करने के लिए परोक्ष माध्यमों का इस्तेमाल, बिना जनादेश के संगठन को भंग करने के प्रयास, संगठन के विस्तार में बाधा, कई इकाइयों को निष्क्रिय करना और समानांतर इकाइयाँ बनाने के प्रयासों के आरोप लगाए गए थे।
परिपत्र में चुंगू द्वारा राम मंदिर की आलोचना और कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्र के प्रति शत्रुतापूर्ण माने जाने वाले बयानों का भी उल्लेख किया गया है जिससे संगठन के भीतर गहरी चिंता पैदा हुई। उनकी कुछ विदेशी यात्राओं और उन व्यक्तियों के साथ संपर्क पर भी सवाल उठाए गए जिन पर फै सहित शत्रुतापूर्ण एजेंसियों से जुड़े होने का आरोप है। परिपत्र में कहा गया है कि संगठन ने चुंगू से उनकी विदेश यात्राओं के उद्देश्य और प्रायोजन के बारे में स्पष्टीकरण मांगा और यह भी पूछा कि क्या सक्षम अधिकारियों से उचित अनुमति प्राप्त की गई थी। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पिछले वर्ष 14 मार्च को चुंगू से मुलाकात की और उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराया और उन्हें जवाब देने का अवसर दिया। हालांकि उन्होंने कोई स्पष्टीकरण देने से इनकार कर दिया और बाद में आगे की बातचीत से भी मना कर दिया। बाद में उन्हें स्पष्टीकरण मांगने के लिए एक औपचारिक ज्ञापन भी भेजा गया लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला।
परिपत्र में कहा गया है कि आरोपों की गंभीरता और स्पष्टीकरण के लगातार अभाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि अजय चुंगू को तत्काल प्रभाव से संगठन से निष्कासित किया जाता है। इसमें कहा गया है कि टीटो गांजू को अध्यक्ष नामित किया गया है और वे संयोजक द्वारा तैयार की गई व्यवस्था के अनुसार वैश्विक संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन की देखरेख करेंगे। उनके द्वारा नामित टीम संशोधित संवैधानिक ढांचे का मसौदा तैयार करने के लिए विचार-विमर्श करेगी। पनुन कश्मीर ने चुंगू के कथित विदेशी संपर्कों, विदेश यात्राओं के प्रायोजन और शत्रुतापूर्ण एजेंसियों से जुड़े व्यक्तियों के साथ उनके संबंधों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने का भी निर्णय लिया है।
समूह ने बताया कि 24 मई को जम्मू में कार्यकर्ताओं की एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी जहां प्रस्तावित संवैधानिक ढांचे और संगठनात्मक पुनर्गठन पर विचार-विमर्श किया जाएगा और औपचारिक रूप से इसे अपनाया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता
