पौड़ी गढ़वाल, 10 मार्च (हि.स.)। मुख्यालय में विद्युत विभाग के कार्मिकों ने बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्मिकों ने अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड पौड़ी के कार्यालय के बाहर एकत्र होकर विद्युत अमेंडमेंट एक्ट को निरस्त करने की मांग उठाई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया।

सोमवार को प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग के कार्मिकों का कहना था कि सरकार संपूर्ण पावर सेक्टर के निजीकरण के उद्देश्य से इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल को लोकसभा में लाने जा रही है। इसके विरोध में देशभर में बिजली विभाग के कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों से बाहर निकलकर व्यापक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि यदि यह बिल पारित हो जाता है तो देश में बिजली वितरण का नया कानून लागू हो जाएगा।
इसके तहत निजी कंपनियों को सरकारी डिस्कॉम के नेटवर्क का इस्तेमाल कर बिजली वितरण करने का लाइसेंस मिल जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि निजी कंपनियों को लाइसेंस मिलने के बाद उन्हें किसी टेंडर की आवश्यकता नहीं होगी और वे सरकारी नेटवर्क का उपयोग कर मुनाफे वाले उपभोक्ताओं को अपने साथ जोड़ लेंगी, जिससे सरकारी बिजली कंपनियों को नुकसान होगा और आम जनता पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बिजली एक्ट को जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर उत्तरांचल पावर इंजीनियर संगठन के संयुक्त सचिव मुकेश कुमार, विद्युत वितरण खंड श्रीनगर के अधिशासी अभियंता गोपाल सिंह रावत, एसडीओ पौड़ी गोविंद सिंह रावत, एसडीओ श्रीनगर प्रवेज कुमार, ज्योति असवाल, उदित पंवार, अकाउंटेंट सुनील रावत, रामस्वरूप, आरती, पूजा, पंकज कपरवाण, विनय आदि शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह
