औरैया, 10 फरवरी (हि. स.)। अजीतमल क्षेत्र के गांव जलुपुर में मंगलवार को सात दिवसीय शिवपुराण कथा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस दाैरन गांव में कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सिर पर कलश धारण किए श्रद्धालु महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में भक्ति गीत गाते हुए चल रही थीं। पुरुष श्रद्धालु “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ वातावरण को शिवमय बना रहे थे। पूरे गांव में भक्तिमय उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार दिखाई दिया।

कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर कथा स्थल पर पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कथा का आरंभ हुआ। कथा वाचक रामसेवक तिवारी ने शिवपुराण कथा के प्रथम दिन भगवान शिव की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि नाथों के नाथ भगवान भोलेनाथ अनादि और अनंत हैं। उनकी लीलाओं का संपूर्ण वर्णन कर पाना किसी के लिए संभव नहीं है, क्योंकि शिव की महिमा तो असंख्य जन्मों के पुण्य के समान है। उन्होंने श्रद्धालुओं को शिव भक्ति के माध्यम से जीवन में शांति, संयम और सदाचार अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के आयोजक एवं कथा परीक्षित रामेश्वर पाल, शीलू पाल, श्रीपाल सिंह, जयसिंह, कप्तान सिंह, किट्टू, बिपिन कश्यप, पारस और रविंद्र , समाजसेवी मनोज तोमर सहित अन्य सहयोगियों ने बताया कि शिवपुराण कथा सात दिनों तक अनवरत रूप से चलेगी। प्रत्येक दिन अलग-अलग प्रसंगों के माध्यम से भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया जाएगा। कथा के समापन अवसर पर 18 फरवरी को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार
