कानपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। नई दिल्ली में आयोजित शुगर एनएक्सटी हैकाथॉन में एनएसआई कानपुर के वैज्ञानिकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित की। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच संस्थान की दो टीमों ने फाइनल में जगह बनाकर दो-दो लाख रुपये के पुरस्कार हासिल किए। देशभर से आए हजारों प्रतिभागियों के बीच यह उपलब्धि संस्थान के लिए गर्व का विषय बनी। “यह पुरस्कार संस्थान के वैज्ञानिकों की मेहनत और मार्गदर्शन का परिणाम है यह बातें गुरुवार को निदेशक प्रो. सीमा परोहा ने कही।

भारतीय शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में लगभग 3600 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कई चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद 16 और फिर 08 टीमों का चयन हुआ, जिसमें भारतीय शर्करा सस्थान (एनएसआई) कानपुर की दो टीमों ने स्थान बनाया।
पहली टीम में प्रोफेसर संजय चौहान और मोहित कुमार ने “कनवर्टिंग फ्लू गैस वेस्ट इन्टू प्रोसेस एनर्जी” विषय पर शोध प्रस्तुत किया, जबकि महेन्द्र कुमार यादव ने “एडवांस्ड इको-फ्रेंडली हाइब्रिड प्रोसेस” पर कार्य कर पुरस्कार प्राप्त किया।
प्रो. परोहा ने बताया कि यह संस्थान के लिए पहली बड़ी उपलब्धि है और भविष्य में भी वैज्ञानिकों को इसी तरह प्रोत्साहित किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
