लखनऊ, 09 फ़रवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संघ के घोष कार्य विभाग की ओर से सोमवार को भागीदारी भवन प्रेक्षागृह में संगीत साधकों की गोष्ठी “स्वरों से राष्ट्रसाधना” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख जगदीश प्रसाद और समाज कल्याण मंत्री असीम अरूण ने किया।

पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के शारीरिक शिक्षण प्रमुख अखिलेश ने कहा कि यह कार्यक्रम संगीत के माध्यम से राष्ट्र साधना, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

अवध प्रांत के घोष प्रमुख नीलकंठ ने बताया कि गोष्ठी में संगीत के विविध स्वरूपों का समागम प्रस्तुत किया गया। गायन एवं वादन के अंतर्गत शास्त्रीय संगीत, पाश्चात्य संगीत, भजन एवं कीर्तन मंडली, ऑर्केस्ट्रा पार्टी की प्रस्तुतियों के साथ-साथ ब्रास बैंड, मार्चिंग बैंड, स्कूल बैंड तथा संघ घोष की अनुशासनबद्ध प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भावविभोर किया।
शताब्दी वर्ष के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं संगीत साधकों की सहभागिता के साथ यह आयोजन संघ के एक स्मरणीय एवं प्रेरणादायी सांस्कृतिक पहल के रूप में सम्पन्न हुआ।
गोष्ठी की अध्यक्षता संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो.जयंत खोखर ने की।
इस अवसर पर प्रान्त प्रचारक कौशल, पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, विभाग प्रचारक अनिल, विभाग कार्यवाह अमितेश, सह घोष प्रमुख संतोष प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन
