जयपुर, 26 फ़रवरी (हि.स.)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी के विशिष्ट आतिथ्य में विकास अध्ययन संस्थान (आईडीएस) में “सम्मान के साथ बुढ़ापा: भारत में उभरती सामाजिक-आर्थिक और स्वास्थ्य चुनौतियाँ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई।

अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा, आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना आज की बड़ी जरूरत है। उन्होंने परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी को भी आवश्यक बताया। यह संगोष्ठी भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से आयोजित हुई। कार्यक्रम में चौथा प्रो. वी. एस. व्यास स्मृति व्याख्यान भी हुआ।

इस अवसर पर प्रो. रमेश के. अरोड़ा और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की प्रो. संघमित्रा शील आचार्य विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
भारतीय जराविज्ञान संघ के अध्यक्ष प्रो. के. एल. शर्मा और संस्थान के निदेशक प्रो. संजय लोढ़ा ने उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की।
संगोष्ठी में छह तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बुजुर्गों से जुड़ी सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
