

रांची, 04 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व ने स्वतंत्र भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया। वह शनिवार को रांची के आर्यभट्ट सभागार में सरदार पटेल स्मृति समिति द्वारा आयोजित उनकी 150वीं जयंती वर्षगांठ समारोह में बोल रहे थे।

राज्यपाल ने सभी से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को अपने विचार, व्यवहार और कर्तव्यों में आत्मसात करें तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि 562 रियासतों के विलय का उनका ऐतिहासिक कार्य भारत निर्माण की दिशा में एक अनुपम उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वे हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा एकता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि यह अवसर केवल श्रद्धांजलि देने का नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेने का भी है। उन्होंने वर्तमान समय में एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय एकता, सुशासन और समावेशी विकास की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि देश “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।
राज्यपाल ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा भारत की एकता, आत्मविश्वास और गौरव का प्रतीक है, जो नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने बताया कि उन्हें विगत वर्ष वहां जाने का अवसर मिला, जो अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव रहा।
इस अवसर पर रांची की मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि सरदार पटेल केवल देश के पहले गृह मंत्री ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने देश की प्रशासनिक और संरचनात्मक नींव तैयार की। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे उनके जीवन से प्रेरणा लेकर खुद को उसी दिशा में विकसित करें।
वहीं विधायक सीपी सिंह ने कहा कि सरदार पटेल के कार्यों के बारे में देश के हर नागरिक को जानकारी होनी चाहिए और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भारत रत्न मिला, लेकिन वे उससे भी बड़ी उपाधि के हकदार हैं।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कर सरदार पटेल को वह सम्मान दिया गया, जो पहले नहीं मिला। उन्होंने कहा कि “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के सपने को साकार करने की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए सरदार पटेल के सपनों को साकार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।————–
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे
