निकोसिया, 03 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच साइप्रस की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच फ्रांस ने बड़ा कदम उठाया है। हालिया घटनाओं के बाद फ्रांस ने साइप्रस को एंटी-मिसाइल और एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ एक युद्धपोत भी भेजेगा। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से वार्ता के बाद इसकी पुष्टि की।

साइप्रस की सरकारी न्यूज एजेंसी सीएनए ने एक रिपोर्ट में बताया कि दोनों नेताओं के बीच सोमवार को दो बार फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें क्रिस्टोडौलाइड्स ने सुरक्षा सहायता का अनुरोध किया था। फ्रांस सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए साइप्रस को एंटी-मिसाइल और एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ-साथ एक युद्धपोत भी भेजेगा। इसके अलावा, दूसरा युद्धपोत भी जल्द भेजे जाने की योजना है।

इसी दौरान राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से भी एक जर्मन युद्धपोत तैनात करने का अनुरोध किया। मर्ज़ ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और जर्मन सरकार की ओर से जल्द ही आधिकारिक निर्णय आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके पूर्व, सोमवार को राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स के आग्रह के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने फोन पर दाे बार सैन्य सामानाें काे लेकर बात की थी।
दूसरी ओर, जानकाराें का मानना है कि यह कदम पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर उठाया गया है। फ्रांस और जर्मनी की सक्रिय भागीदारी से साइप्रस की सामरिक स्थिति और क्षेत्रीय संतुलन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
————-
हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी
