सागर, 14 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा नगर में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक नए खोदे गए बोरवेल से अचानक भीषण आग की लपटें निकलने लगीं। मामला वार्ड क्रमांक 11 का है, जहाँ पेयजल संकट को दूर करने के लिए किए गए बोरिंग के तुरंत बाद यह हादसा हुआ। देखते ही देखते आग की लपटें 10 फीट की ऊंचाई तक पहुँच गईं, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।

जानकारी के अनुसार, वार्ड-11 में नगर पालिका द्वारा बोरिंग का कार्य कराया जा रहा था। जैसे ही बोरिंग मशीन अपना काम पूरा कर वहां से रवाना हुई, बोरवेल के अंदर से अजीबोगरीब आवाजें आने लगीं। स्थानीय लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही होल से तेज लपटें निकलने लगीं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके को खाली कराया गया और तुरंत फायर फाइटर (दमकल विभाग) को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
बंडा के इस क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी इलाके के कुछ हैंडपंपों और बोरवेल में गैस रिसाव के कारण आग लगने के मामले सामने आ चुके हैं। भूगर्भ विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन के भीतर मीथेन या अन्य ज्वलनशील गैसों के पॉकेट्स होने के कारण बोरिंग के समय घर्षण या दबाव से ऐसी आग लग सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे
