सागर, 21 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रयासों ने सागर जिला क्षेत्र के किसानों के लिए समृद्धि के नए द्वार खोल दिए हैं। क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मिडवासा सिंचाई परियोजना को शासन द्वारा औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 300 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महात्वाकांक्षी योजना से क्षेत्र के हजारों किसान परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

परियोजना के क्रियान्वयन से लगभग 7200 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित की जाएगी। इसका सीधा लाभ तीन प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों के गांवों को मिलेगा। – सुरखी विधानसभा: ग्राम करैया, मोकलपुर, हनौताखर्दु, नारायणपुर, बंसिया, बेरसला, बैरसिया, हफसिली, बिहारीखेड़ा, तालग्वारी, गुआरी, घाटमपुर, सगोरिया, अर्जना और बरोदा रहली।- नरयावली विधानसभा: बरखुआ तिवारी, उदयपुरा तिवारी, समनापुर और किशनपुर। – रहली विधानसभा: सेमरा अंगद, सिमरिया बेलई, सेजपुरा, देवरी, खांड़, रेवझा, हिलगन, मोहनपुरा और ढाना।

शनिवार को परियोजना की जानकारी देते हुए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा: हमारा लक्ष्य कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना है ताकि हमारे क्षेत्र के किसान भी पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर आधुनिक खेती कर मुनाफा कमा सकें। मिडवासा परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की खुशहाली का जल स्रोत है। इससे न केवल सिंचाई होगी, बल्कि क्षेत्र का जलस्तर भी सुधरेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि जल्द से जल्द किसानों के खेतों तक पानी पहुँच सके।
परियोजना की स्वीकृति पर क्षेत्रीय किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। सरमन सिंह, नरवदा सिंह, विशाल सिंह, महाराज सिंह, शिवकांत राजौरिया सहित तमाम स्थानीय नेताओं और किसानों ने इसे क्षेत्र के विकास में ‘मील का पत्थर’ बताते हुए मंत्री राजपूत का आभार व्यक्त किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से रबी और खरीफ दोनों फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे स्थानीय पलायन में कमी आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे
