
जौनपुर, 07 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) की शुचिता को प्रभावित करने की कोशिश शनिवार को तिलकधारी डिग्री कॉलेज (टीडी कॉलेज) परीक्षा केंद्र पर नाकाम कर दी गई। परीक्षा की दूसरी पाली में दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे दो युवकों को बायोमेट्रिक मिलान में असमानता पाए जाने पर पकड़ लिया गया। कॉलेज प्रशासन ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया है।

तिलकधारी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राम आसरे सिंह ने बताया कि परीक्षा के दौरान सीबीएसई मुख्यालय, नई दिल्ली से फोन पर सूचना मिली कि कॉलेज के दो परीक्षा कक्षों में परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक डाटा मेल नहीं खा रहा है। इस सूचना के बाद केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने तत्काल सम्बंधित अभ्यर्थियों की जांच की, जिसमें फर्जी तरीके से परीक्षा देने का मामला सामने आया।

कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों युवकों ने दूसरे परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा देने की बात स्वीकार कर ली। पकड़े गए आरोपितों में एक युवक जौनपुर जिले के जलालपुर क्षेत्र का निवासी है, जबकि दूसरा फतेहपुर जिले का रहने वाला बताया गया है। कॉलेज प्रशासन ने बिना देर किए दोनों को पुलिस को सौंप दिया।
मामले की जानकारी देते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक गोल्डी गुप्ता ने बताया कि शनिवार को सीटीईटी की द्वितीय पाली की परीक्षा के दौरान टीडी पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर अनुराग चौबे पुत्र गिरीश चौबे, निवासी तालामझवारा, पोस्ट जलालपुर, जनपद जौनपुर तथा विपिन सिंह पुत्र रतिभान सिंह, निवासी शिवपुरी, खाखरू, जिला फतेहपुर, दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। बायोमेट्रिक मिलान में गड़बड़ी सामने आने पर दोनों को पकड़ लिया गया।
एएसपी ने बताया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से प्राप्त तहरीर के आधार पर आरोपितों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। प्रारम्भिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों ने सुनियोजित तरीके से परीक्षा में बैठकर अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया था।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
