सूरजपुर, 20 मार्च (हि.स.)। सूरजपुर जिला जेल में बंदियों की स्थिति, सुविधाओं और विधिक सहायता व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए डिस्ट्रिक्ट विजिटर्स बोर्ड ने सघन निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और उनके अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई।

जिला जेल में बंदियों की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता का आकलन करने के उद्देश्य से डिस्ट्रिक्ट विजिटर्स बोर्ड ने सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष विनीता वार्नर ने किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने बैरकों, रसोईघर, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सामान्य उपयोग के क्षेत्रों का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सा सुविधाएं, शिक्षा कार्यक्रम और लीगल एड क्लीनिक की कार्यप्रणाली का विस्तार से मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि बंदियों को स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच और शिक्षा के अवसर बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराए जाएं।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल ने बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि जेल में संचालित लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से वे अपनी कानूनी समस्याएं निःसंकोच साझा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यहां उपलब्ध अधिवक्ता और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) बंदियों को निःशुल्क सहायता प्रदान करते हैं।
वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल टोपनो ने बंदियों की व्यक्तिगत समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें मुफ्त अधिवक्ता की नियुक्ति तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सेवाओं की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कपिल देव पैकरा, जेल अधीक्षक विक्रम गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय
